यहां ‘महिलाएं’ बनाती हैं अवैध शराब, लाखों का होता है कारोबार, पुलिस की सह पर चल रहा है गोरखधंधा


प्रमुख त्यौहारों के पूर्व की जाती है पुलिसिया कार्रवाई

जनसंदेश न्यूज़
प्रयागराज। यमुनापार क्षेत्र के नैनी व औद्योगिक क्षेत्र में स्थित तीन गांवों में कई ‘महिलाएं’ अवैध शराब बनाने का गोरख धंधा करती हैं। जो बीते कई वर्षों से जारी है और कुटीर उद्योग में तब्दील हो चुका है। अवैध कारोबारियों के खिलाफ पूर्ण रूप से लगाम नहीं लग पाए हैं। जिसकी वजह से इन तीनों गांवों में बनने वाली अवैध शराब की सप्लाई यमुनापार के विभिन्न स्थानों पर की जाती है। जिससे अवैध कारोबारियों को लाखों का फायदा होता है। जब कभी भी प्रमुख त्यौहार आते हैं, तो उससे पूर्व आला अफसरों के निर्देश पर पुलिस अवैध शराब के अड्डों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हैं और उसके बाद फिर कार्रवाई न होने से अवैध कारोबारियों का महाखेल संचालित हो जाता है।
जानकारी के मुताबिक नैनी के अरैल व औद्योगिक क्षेत्र स्थित लवायन कला और मवईया गांव में कुछ ऐसी बस्तियां हैं, जहां पर पुरुषों के साथ ही अवैध शराब बनाने का गोरखधंधा महिलाएं बीते कई वर्षों से करती चली आ रही हैं। इस अवैध कारोबार में लाखों का फायदा होने से इस धंधे को बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। उक्त गांव के अलावा कछार में भी बड़े पैमाने पर कारोबार को अंजाम दिया जा रहा है। पुलिस अवैध कारोबारियों के खिलाफ पूर्ण रूप से लगाम नहीं लगा पाए हैं। यही वजह है कि इस गोरखधंधा का दायरा अब धीरे-धीरे कुटीर उद्योग में तब्दील होता जा रहा है। 
बता दें कि पुलिस इन अवैध शराब के अड्डों पर तभी कार्रवाई करती है। जब प्रदेश के किसी भी जिले में अवैध शराब की वजह से कोई वारदात घटित हो या प्रमुख त्योहार अथवा चुनाव से पूर्व तेजी दिखाते हुए ताबड़तोड़ अभियान चलाते हैं। सूत्रों की मानें तो अवैध शराब के कारोबारियों से इलाकाई पुलिस से लेकर आबकारी विभाग के कारखास सुविधा शुल्क की वसूली करते हैं। जिससे उन लोगों के खिलाफ लगातार ताबड़तोड़ कार्रवाई नहीं की जाती है। यही वजह है कि अवैध शराब के गोरखधंधे को धड़ल्ले से अरैल, मवईया व लवायन कला गांव में संचालित किया जा रहा है। 



दो दिन में बरामद हुए 270 लीटर शराब, महिला समेत पांच गिरफ्तार
आगामी होली त्यौहार को देखते हुए सीओ करछना आशुतोष तिवारी पुलिस फोर्स को साथ लेकर लवायन कला गांव पहुंचे तो अवैध शराब के कारोबारियों में भगदड़ मच गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लगभग डेढ़ सौ लीटर अवैध शराब को जप्त करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार करने में कामयाब रहे। मजे की बात यह रही कि पूरी कार्रवाई से संबंधित संड़वा पुलिस चौकी से जुड़े प्रभारी समेत समस्त पुलिसकर्मियों को दूर रखा गया और बिना सूचित किए ही लवायन कला में संचालित अवैध शराब के अड्डों पर कार्रवाई की गई। 
इसी प्रकार नैनी कोतवाली क्षेत्र के अरैल गांव में बुधवार सुबह करछना एसडीएम आकांक्षा राणा व सीओ करछना आशुतोष तिवारी के नेतृत्व में नैनी इंस्पेक्टर अवन कुमार दीक्षित, एसआई अखिलेश कुमार राय, धीरेंद्र कुमार सिंह समेत दलबल अवैध शराब के अड्डों पर पहुंचे और सुलग रही लगभग पंद्रह शराब की भठ्ठीओं को लाठी के वार से मारकर तोड़ डाला। करीब पंद्रह कुंतल लहन बरामद होने पर उसे मौके पर ही नष्ट करा दिया गया। जबकि मौके से ही 120 लीटर महुआ से निर्मित शराब को कब्जे में लेते हुए एक महिला समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर नैनी कोतवाली उठा लाए। 
पुलिस के मुताबिक पकड़े गए लोगों में अरैल ग्राम सभा के नई बस्ती निवासी मुकेश कुमार पुत्र वंशी, उत्तरी लोकपुर स्थित कांशीराम कालोनी निवासी रमेश वंशकार पुत्र चेतू लाल व अरैल गांव की रहने वाली रूबी निषाद पत्नी बाबाजी निषाद शामिल हैं। पकड़े गए लोगों के खिलाफ  पुलिस ने आबकारी अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चालान कर दिए।



जल्द हो सकती है कार्रवाई 
प्रयागराज। संड़वा पुलिस चौकी से जुड़े एक सिपाही जो बकायदा अवैध शराब के कारोबारियों से प्रत्येक महीने के हिसाब से हजारों रुपए सुविधा शुल्क लेकर इस कारोबार को संचालित कराने में उनकी मदद करने में जुटा हुआ है। बताया जाता है कि जांच पड़ताल के दौरान उक्त सिपाही का नाम सामने आने पर उसकी जमकर क्लास ली गई। सूत्रों की मानें तो उक्त सिपाही समेत संड़वा पुलिस चौकी से जुड़े अन्य के खिलाफ जांच भी की जा रही है। जल्द ही गाज गिर सकती है।


 


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