संक्रमण से सतर्कता: पारंपरिक तरीके से खेले होली, हाथ मिलाने से बचें, करें नमस्ते....
जनसंदेश न्यूज़
सोनभद्र। दुनिया भर में घातक कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के उपायों पर अमल करने में कोई कसर नहीं करनी चाहिए। जानकारों के मुताबिक लोगों को हाथ मिलाने से भी परहेज करना चाहिए। साथ ही एक दूसरे के उपयोग की वस्तुए भी इस्तेमाल नही करना चाहिए। विशेषज्ञ की राय में होली के पर्व पर भी रंग, अबीर-गुलाल लगाने में भी सावधानी बरतनी चाहिए। ज्यादातर रंग, अबीर गुलाल चाइना (चीन) से आयात होकर आता है।
हल्दी-अक्षत या अष्टगन्ध का टीका लगाकर मनाएं होली
कोरोना वायरस के क़हर को देखते हुए जानकारों का कहना है कि हिंदू धर्म के सबसे बड़े त्यौहार होली पर किसी भी संक्रामक बीमारियों एवं रोगों विशेषकर कोरोना वायरस से बचाव के लिए हल्दी अक्षत या अष्टगन्ध का टीका लगाकर मनाया जाना चाहिये। रंगों से बीमारी फैलने की आशंका जताई जा रही हैं।
हाथ न मिलाएं, प्रणाम करें
संक्रमण बीमारियों से बचाव के लिए हाथ मिलाने से भी बचाव किया जाना चाहिए। हाथ मिलाने के स्थान पर प्रणाम, नमस्कार, नमस्ते, राम राम, जय हिंद या यथा उचित अभिवादन किया जा सकता है। इसमें किसी को नाराजगी या भेदभाव नहीं समझना चाहिए। चूंकि हाथ मिलाने के दौरान संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है।
नारी की करूणा अंतर्जगत का उच्चतम विकास है, जिसके बल पर समस्त सदाचार ठहरे हैं -जयशंकर प्रसाद