महाराष्ट्र-झारखंड से घूम कर लौटा युवक कोरोना संदिग्ध, गांव में दहशत, नहीं हो रही ठीक से जांच
जनसंदेश न्यूज़
डाला/सोनभद्र। जनपद के चोपन थाना क्षेत्र के सरपतवा निवासी 25 वर्षीय कोरोना संदिग्ध मरीज की हालत दिनों दिन बिगड़ती जा रही है। परिजनों द्वारा जनप्रतिनिधियों व हेल्पलाइन नंबरों पर कई बार सूचित किये जाने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। जिसके वजह से पूरे गांव में भय का माहौल है। युवक कुछ दिन पूर्व ही महाराष्ट्र और झारखण्ड घूम कर आया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सुनील कुमार पुत्र जगनरायन कुशवाहा निवासी प्राथमिक स्कूल के पास सरपतवा थाना चोपन, एक हफ्ते पहले महाराष्ट्र व झारखंड से घूमकर आया है। जिसके बाद से उसकी खांसी-जुकाम की शिकायत है। ग्रामीणों को उसके कोरोना संदिग्ध होने का शक है। जिसपर डाक्टरों को सूचित किया गया।
गुरुवार की शाम जिला चिकित्सा विभाग से एक डाक्टर युवक का चेकअप करने पहुंचा। जो मात्र कुछ दवाओं को देकर कोरम पूर्ति करके वापस चला आया। वापस आने बाद गांव के सुखराजसिहं, राम निवास, राम गुल्ली, रामेश्वर, रामदयाल ने बताया कि सुनील की हालत में सुधार नही है। सुरक्षा की दृष्टि से उसे एक कमरे आइसुलेट कर दिया गया है।
ग्रामीणों के अनुसार उसे सांस लेने में परेशानी हो रही है। उसकी पत्नी रीना दो बच्चों के साथ अकेले दूसरे कमरे रह रही हैं। उसका कहना है कि मेरे पति ठीक से भोजन नही कर पा रहे है। वह चिंतित है, मेरे पति की जांच हो जाए। घटनाक्रम की जानकारी गुरुवार को ही चिकित्सा विभाग द्वारा हेल्प लाइन नम्बर पर मौजूद डाक्टर राकेश कुमार कनौजिया को सारी समस्याएं बताई और जनप्रतिनिधियों को भी समस्या से अवगत कराया गया। उसके पश्चात पांच घटे एक डाक्टर वाहन से पहुंच कर दवा दिया और चलते बना।
जबकि गांव के लोग उसे जिले आइसुलेशन वार्ड में भर्ती किये जाने की मांग कर रहे है। शुक्रवार की सुबह उसके ससुराल पक्ष के लोग जगह-जगह फोन करके हाल जानने मे जुटे रहे। क्योंकि युवक ससुराल झारखंड मे कई लोगों के सम्पर्क में रहा है। गांव समेत आसपास के इलाके का हर व्यक्ति बिमारी को सुनकर डरा हुआ है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मदद करने की अपील की है।
काम पर लौटे प्रवासियों के जांच की मांग
कोटा ग्राम का मजरा व टोला आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है यहां के सैकड़ों लोग खनन बंदी होने के कारण गैर प्रांत जीवीकोपार्जन के लिए गए हुए थे। जो अब महामारी फैलने की वजह से घर वापसी कर रहे है। गैर प्रांत से आए हुए, जो किसी ना किसी बिमारी से ग्रसित है। समय रहते लोगों की जांच नहीं की गई तो स्थिति भयावह हो सकती है।