क्रिया योग का अभ्यास सत्य-अहिंसा का अभ्यासःयोगी सत्यम

दुनिया में प्रचलित योग सर्कसबाजी और आडंबर


कपालभाति से बीमारियां ठीक करने का दावा असत्य है और योग दिवस झूठा


अहिंसा का पालन वही कर सकता है, जो मन, वचन और कर्म से साहसी हो



जनसंदेश न्यूज


वाराणसी। देश के जाने-माने क्रियायोग वैज्ञानिक  स्वामी योगी सत्यम जी ने कहा कि दुनिया में प्रचलित योग सर्कसबाजी और आडंबर है। कपालभाति से बीमारियां ठीक करने का दावा असत्य है और योग दिवस झूठा है। मौजूदा समय में आसनों का व्यापार किया जा रहा है। महर्षि पतंजलि ने योग में कहीं भी आसनों का जिक्र नहीं किया है। क्रियायोग का अभ्यास सत्य-अहिंसा का अभ्यास है।


स्वामी जी बुधवार को बनारस में थे। जनसंदेश टाइम्स से खास बातचीत में कहा कि क्रिया योग ही ऐसा माध्यम है जो देश से गरीबी, जातिवाद और साम्प्रदायिकता का खात्मा कर सकता है। उन्होंने कहा कि  क्रियायोग ईश्वर-बोध, यथार्थ-ज्ञान और आत्म-साक्षात्कार करने की एक वैज्ञानिक प्रणाली है। भगवान कृष्ण ने भगवद गीता में क्रियायोग का उल्लेख किया है। इस योग के अभ्यास से मनुष्य स्वतः सत्य व अहिंसा के मार्ग पर चलने लगता है। इंसान का जीवन सुखी हो जाता है। योग गुरु ने बेबाकी से कहा कि प्रचलित योग सिर्फ सर्कसबाजी और छलावा है। तेज सांस वाली क्रिया आत्मघाती होती है। कपालभाति कतई न करें। इससे लोग बीमार हो रहे हैं।


एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अहिंसा का पालन वही कर सकता है, जो मन, वचन और कर्म से साहसी हो। यह कायरों का नहीं, उन वीरों का तरीका है जो हथियार का उपयोग करना जानते हैं, फिर भी शांतिपूर्ण हल तलाशते हैं। मौत से कतई नहीं डरते। किसी दुर्बल व्यक्ति को अहिंसा का पाठ नहीं पढ़ाया जा सकता। गांधी जी ने क्रियायोग की दीक्षा परमहंस योगानन्द से ली थी, जिन्होंने समूची दुनिया को  प्रेम और आत्मशुद्धि की सहायता से संकट में सफलता पाने का संदेश दिया है। अहिंसा का मार्ग सर्वश्रेष्ठ है। मठों व आश्रमों में कुछ बाबाओं ने धर्म को व्यापार बना लिया है। इससे देश का न सिर्फ विकास रुकेगा, बल्कि लोगों को धर्म से विश्वास भी उठने में समय नहीं लगेगा।


एक अन्य सवाल के जवाब में योग गुरु ने बताया कि कनाडा,अमेरिका व भारत में प्रयागराज (इलाहाबाद)  आश्रम में लोगों का निस्वार्थ भाव से सेवा की जाती है। स्वस्थ्य रहने के लिए शाकाहार जरूरी है।  


क्रियायोग से करोना का इलाज है संभव


वाराणसी। क्रियायोग वैज्ञानिक स्वामी योगी सत्यम जी के मुताबिक करोना वायरस का उपचार सिर्फ क्रिया योग से संभव है। इस योग को जीवन में अपनाया जाए तो इस बीमारी को समूल नष्ट किया जा सकता है। कोरोना की तरह डेंगू और अन्य असाध्य रोगों को इस क्रिया ठीक किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि योग क्रिया की पद्धति बनारस में ढूंढी गई और योग गुरु पतंजलि ने इसे प्रसारित और प्रचारित किया। काशी आगे आएगी तभी करोना का खतरा मिटेगा। यह कोई मामूली धरती नहीं है। काशी से मैं भी एक स्वर देता हूं, कोरोना को खत्म करने का, वह स्वर है क्रिया योग का। क्रिया योग चलते-फिरते किया जा सकता है। इसके लिए किसी समय की जरुरत नहीं पड़ती।  


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