कोरोना की तबाही के बीच हंता वायरस का प्रकोप, मचा हड़कंप, फेफड़ों में भर जाता है पानी, 38 प्रतिशत मरने का चांस


जनसंदेश न्यूज़  
नई दिल्ली। कोरोना वायरस (Corona Virus) का प्रकोप अभी पूरी तरह से शांत भी नहीं हुआ था कि एक और वायरस लोगों को अपनी आगोश में लेना शुरू कर दिया है। हंता वायरस (Hanta Virus) के इस वायरस से सोमवार को चीन के युनान प्रांत में एक व्यक्ति की मौत हो गई। वह बस से शाडोंग प्रांत से लौट रहा था। 
हंता वायरस प्रकाश में आने के बाद से ही हड़कंप मच गया। लोगों को डर सता रहा है कि कहीं यह वायरस कोरोना की तरह महामारी ना बन जाये। लोगों के अनुसार यह वायरस चूहा खाने से होता है। 
चूहों व गिलहरी के सम्पर्क में आने से होता है यह वायरस
विशेषज्ञों की माने तो यह वायरस कोरोना जितना खतरनाक नहीं है, यह एक दूसरे के संम्पर्क में आने से नहीं, बल्कि चूहे और गिलहरी की सम्पर्क में आने से होता है। विशेषज्ञों के अनुसार चूहों के मल या पेशाब को छूने के बाद अगर कोई आंख, नाक, मुंह इत्यादि छूता है तो यह वायरस उसको अपनी आगोश में लेता है। 



क्या है लक्षण 
इस वायरस की चपेट में आने से बुखार, सिर दर्द, शरीर में दर्द, पेट में दर्द, उल्टी, डायरिया आदि हो जाता है। अगर इलाज में देरी होती है तो फेफड़े में पानी भर जाता है और सांस लेने में परेशानी होती है। 
38 प्रतिशत होता है मरने आंकड़ा
विशेषज्ञों के अनुसार यह काफी खतरनाक वायरस है। जिसमें मरने का प्रतिशत 38 प्रतिशत होता है। यह ऐसे समय सामने आया है, जब पूरी दुनिया कोरोना जैसी महामारी से जूझ रही है। इस वारयस से अब तक हजारों की लोगों की मौत हो गई है। विश्व के 194 देश इसकी चपेट में है। 


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