कोरोना का कहर: महामारी से पर्यटन उद्योग को करोड़ों का झटका, भारत सरकार की एडवाइजरी से सदमे में ट्रेड से जुड़े लोग
होटलों और टूर ऑपरेटर्स की बुकिंग लगातार हो रही है कैंसिल
आगामी सितंबर माह तक टूरिज्म बिजनेस पर पड़ सकता है खराब असर
होटलों को जारी एडवाइजरी के मुताबिक तुरंत देनी होगी संबधित सूचना
सीएमओ और जिला सर्विलांस अधिकारी के नंबर व ई-मेल किये जारी
बड़े होटलों में कंप्लीमेंट्री में दिये जा रहे सुइट लेने को भी नहीं कोई तैयार
अनधिकृत रूप से संचालित हो रहे होटलों और लॉज से अफसर बेखबर
आवासीय नक्शे पर चला रहे हैं कारोबार, सराय एक्ट में नहीं हैं पंजीकृत
जनसंदेश न्यूज़
वाराणसी। विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से नॉवल कोरोना वायरस को महामारी किये जाने के बाद भारत में टूरिस्ट वीजा रद्द करने के फैसले से पर्यटन उद्योग को भारी झटका लगा है। इस कारोबार को प्रतिदिन करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। होटलों की बुकिंग कैंसिल हो रही हैं। टूर ऑपरेटर्स, गाइड समेत ट्रेड से जुड़े लोग सदमे में हैं। खासकर बनारस में आने के लिए जिन विदेशी पर्यटकों ने एडवांस बुकिंग कर रखी थी, वो अपना भ्रमण रद कर रहे हैं। लेकिन सैकड़ों ऐसे होटल, लॉज और गेस्ट हाउस सर्विलांस के दायरे से बाहर हैं जो या तो अनधिकृत रूप से संचालित हो रहे हैं अथवा उन स्थलों पर पहुंचे विदेशी पर्यटकों से जिम्मेदार सरकारी महकमों ने मुंह मोड़ रखा है।
बीते जनवरी माह से वाराणसी में विदेशी पर्यटकों की आमद घटी है। वहीं, जब से कोरोना वायरस को लेकर विभिन्न देशों में दहशत बढ़ी है, तब से बनारस के पर्यटन उद्योग में हड़कंप है। विश्वस्त सूत्रों की मानें तो विदेशों से मुंबई होकर भारत आने वाले टूरिस्ट का आगमन लगातार कम होने के कारण मुंबई में लगभग दो दर्जन क्रूज की बुकिंग कैंसिल हो चुकी है। सरकार ने कुल 14 देश चीन, दक्षिण कोरिया, जापान, मलेशिया, ईरान, इटली, हांगकांग, मकाऊ, वियतनाम, इंडोनेशिया, नेपाल, थाईलैंड, सिंगापुर व ताइवान के पर्यटकों पर खास नजर रखने की हिदायत दी है।
इधर, बनारस में तारांकित होटलों के कर्ताधर्ता खुलकर बोलने के लिए तैयार नहीं हैं लेकिन उनके प्रबंधन से जुड़े सूत्रों पर यकीन करें तो सुइट की बुकिंग रद्द हो रही है। औसत दर्जे के होटलों समेत बड़े होटलों में कमरे खाली हैं। कंप्लीमेंट्री के तौर पर भी लोग कमरे बुक कराने के लिए तैयार नहीं हैं। भारत सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को एडवाइजरी जारी कर चिह्नित देशों से आने वाले पर्यटकों पर खास नजर रखने की हिदायत दी है।
इसके अलावा होटल, लॉज और गेस्ट हाउसों को एक तय प्रारूप भरकर सीएमओ को फोन नंबर 9415301513 तथा जिला सर्विलांस अधिकारी को फोन नंबर 9415830461 पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिये हैं। दोनों के ही ई-मेल आईडी ‘आईडीएसपी/जीमेलडॉटकॉम’ और ‘सीएमओडॉटवाराणसी2014/जीमेलडॉटकॉम’ पर सूचना मांगी गयी है। साथ ही यदि किसी होटल, लॉज या गेस्ट हाउस के रिसेप्शन पर सबंधित सूचना डिस्प्ले करने सहित यदि वहां कोई विदेशी टूरिस्ट आता है तो उसकी सूचना तत्काल मुहैया कराने और उस पर्यटक को होटल के सबसे पिछले हिस्से का कमरा देने के निर्देश दिये गये हैं।
सूत्रों के मुताबिक दो दिन पहले एक बड़े होटल पर पहुंचे लगभग एक दर्जन विदेशी पर्यटकों को हेल्थ चेकअप के लिए बीएचयू भेजा गया था। हालांकि उनमें कोरोना वायरस के संक्रमण के कोई लक्षण नहीं मिले। ट्रेड से जुड़े लोगों को अनुसार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई घटना घटने पर सबसे जल्दी उसका असर पर्यटन उद्योग पर पड़ता है। उनका कहना है कि वर्तमान स्थिति में यह प्रभाव सितंबर माह तक जारी रहने की आशंका है। उत्तर प्रदेश पर्यटन के टूरिस्ट अफसर कीर्तिमान श्रीवास्तव कहते हैं कि शासन से जारी एडवाइजरी रिलीज कर दी गयी है।
विभाग की पर्यटक सूचना अधिकारी प्रिया सिंह के अनुसार बनारस में बीते तीन साल के दौरान जनवरी व फरवरी में आये विदेशी पर्यटकों के तहत सन 2018 जनवरी में 34068 और फरवरी में 39500 आमद हुई। सन 2019 जनवरी में प्रवासी भारतीय दिवस और अर्द्धकुंभ के कारण टूरिस्ट बढ़े। उस समय जनवरी में 345402 तथा फरवरी में 40156 और इस साल बीते जनवरी में 37156 फॉरेन टूरिस्ट आए। फरवरी के आंकड़ों का इंतजार है।
इधर, ट्रेड से जुड़े सूत्रों के मुताबिक जनपद में लगभग 900 होटल, लॉज और गेस्ट हाउस सराय एक्ट में पंजीकृत हैं लेकिन उससे कहीं अधिक ऐसे होटल, लॉज और गेस्ट हाउस धड़ल्ले से चल रहे हैं जो आवासीय नक्शे पर अपना व्यवसाय चला रहे हैं। ऐसे लोगों ने भारी-भरकम कंपाउंडिंग व अन्य टैक्स बचाने के लिए न तो सराय एक्ट में रजिस्ट्रेशन कराया है और न ही कमर्शियल का नक्शा पास कराया है।
महकमों की मिलीभगत से यह खेल लगातार जारी है। जानकारी के मुताबिक अनधिकृत रूप से यह होटल, लॉज व गेस्ट हाउस गंगातट के घाटों के किनारे व उन क्षेत्रों की गलियों समेत इंग्लिशिया लाइन, कैंट, परेड कोठी, अस्सी आदि इलाकों में सर्वाधिक हैं। और तो और बनारस में ऐसे विदेशियों की कमी नहीं जो संकरी गलियों में स्थित पेइंग गेस्ट हाउसों में भी रह रहे हैं। ऐसे संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करने में जिम्मेदार विभागों के अफसर कतराते हैं।
ट्रेड में घबराहट का माहौल
वरिष्ठ टूरिस्ट गाइड धर्मेंद्र तिवारी कहते हैं कि नॉवल कोरोना वायरस के प्रसार के चलते पर्यटन उद्योग में घबराहट की स्थिति है। विदेशी पर्यटक अपना टूर प्रोग्राम रद कर रहे हैं। वैसे भी सरकार ने कई देशों की फ्लाईट्स के भारत आगमन पर रोक लगा दी है, इस कारण भी टूरिज्म इंडस्ट्री सदमे में है। हाल यह है कि पर्यटकों को सैर कराने वाले ड्राइवर और नाविक तक की नींद उड़ गई है। अभी तो शुरुअत ही है, जल्द ही टूरिस्ट गाइडों को को फाके का सामना करना पड़ सकता है। अप्रैल तक चलने वाला सीजन इस बार मार्च में ही खत्म हो जाएगा।
गाड़ियां करेंगे सरेंडर
सीनियर टूर ऑपरेटर राशिद खान के मुताबिक आगामी सितंबर माह तक के लिए पर्यटन उद्योग फाकाकशी में रहेगा। टूरिस्ट वाहनों का संचालन करने वाले लोग तब तक के लिए अपनी बस आदि गाड़ियों को सरेंडर करने का मन बना चुके हैं ताकि टैक्स की बचत हो सके। जब फ्लाइट् ही नहीं आएंगी तो पर्यटन कैसे चलेगा। फिलहाल आलम यह है कि बनारस आ चुके कई विदेशी पर्यटक तय समय से पहले ही अपने देश लौट रहे हैं। 15 अप्रैल के बाद फ्लाइट्स को भारत में इंट्री की इजाजत मिली भी तो मई-जून ऑफ सीजन है। जुलाई-अगस्त में भारत यात्रा बुक करा चुके इटैलियन-स्पेनिश पर्यटक भी अपना टूर रद कर सकते हैं। दूसरी ओर, गुरुवार को शिवपुर के मेहता नगर में टूर ऑपरेटर्स की हुई एक बैठक में वक्ताओं ने सरकार से मांग की कि हालात को देखते हुए यूपी रोड टैक्स माफ किया जाय। मीटिंग में शशिप्रताप सिंह, संतोष कपूर सुभाष कपूर, संजय कथूरिया, सदानंद शुक्ल, सुमित रॉय अदि रहे।