कैंट स्टेशन पर बंदरों का आतंक, यात्री परेशान, आधा दर्जन यात्रियों को बनाया निशाना
शिकायत के बाद भी स्टेशन प्रबंधन की घोर लापरवाही
जनसंदेश न्यूज़
वाराणसी। कैंट स्टेशन पर इन दिनों यात्रियों के सामने बंदरों का आतंक सबसे बड़ी परेशानी बनकर सामने आ रही है। प्लेटफार्म पर उछल कूद करते बंदरों का समूह एक दर्जन से अधिक यात्री को अपना शिकार बना चुके हैं। शिकायत के बाद भी इसपर अभी तक लगाम नही लगाया जा सका।
स्टेशन प्रबंधन की लापरवाही के चलते स्टेशन पर बंदरों ने अपना वर्चस्व कायम कर लिया है। पूरे स्टेशन परिसर से लगायत सर्कुलेटिंग एरिया में इन बंदरों ने अपना ठिकाना बना रखा है। दिनभर झुंड के झुड बंदरों की चहलकदमी से यात्री दहशत में हैं। रेल की पटरियों पर यात्रियों की ओर से फेंके गये खाने पीने की वस्तुओं की लालच में दिनभर ये प्लेटफार्म के इर्दगिर्द मंडराते रहते हैं। रात होते ही टीन शेड पर अपना आश्रय बना लेते हैं।
खड़ी टेकृनों में भी करते हैं परेशान
प्लेटफार्म के प्रत्यशदर्शियों की मानें तो प्लेटफार्म पर खड़ी ट्रेनों में भी कई बार इनका आतंक छाया रहता है। ट्रेन के भीतर घुसकर यात्रियों से खाने पीने की वस्तुएं छिन कर भाग जाते हैं। कई बार ये बंदर खाने पीने की वस्तु ना मिलने पर खूंखार हो जाते हैं और यात्रियों को काट लेते हैं । एक हफ्ते में आधा दर्जन से अधिक यात्रियों को बंदरों ने काटा जिसकी शिकायत के बाद भी लापरवाह स्टेशन प्रबंधन किसी भी प्रकार की कार्रवाई नही कर पा रहा है।
परेशान हैं फलों के वेंडर
प्लेटफार्म पर खुमचे पर घूम-घूम कर फल बेचने वाले वेंडर इन बंदरों से खासा परेशान हैं। टोकरी से फल लेकर भागने के साथ ही फलोें का नुकसान कर देते हैं। वेंडरों का कहना है कि फर्श पर गिरे फलों को कोई यात्री नही लेता जो बेकार हो जाता है और नुकसान सहना पड़ता है। स्टेशन प्रबंधन को इसकी शिकायत की लेकिन अभी तक किसी भी प्रकार की कार्रवाई नही की गयी।
केस नंबर एक
सोनभद्र निवासी जयनारायण दूबे पिछले रविवार को परिवार के साथ रिश्ेतदार के यहां एक विवाह उत्सव में शामिल होनें आये स्टेशन पर उतरते ही उनके हाथ में एक थैला देख एक बंदर उनपर टूट पड़ा जिससे उनके बाएं हाथ के पंजे पर बंदर के दांत के निशान लग गये।
केस नंबर दो
श्रमजीवी एक्सप्रेस से राजगीर से सुल्तानपुर जाने वाले समीर कुमार टेकृकृन के प्लेटफार्म पर लगते ही खाने के लिए अमरुद खरीद कर टेकृन में प्रवेश करने लगे तभी एक बंदर ने उनके हाथ पर हमला कर अमरुद छिन भाग गया।