ग्राम प्रधान के ऊपर बदमाशों ने बरसाई गोलियां, दुकान बंद करते समय हुआ हमला, बदमाश फरार
दो बाइक सवार बदमाशों ने दिया घटना को अंजाम
मौके से हेलमेट, कट्टा व खोखा बरामद
जनसंदेश न्यूज
फरिहा/आजमगढ़। एक तरफ जहां जिला व पुलिस प्रशासन होली के त्यौहार को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए कमर कस रही है तो दूसरी तरफ बदमाशों ने शनिवार की शाम दुकान पर चढ़कर प्रधान के ऊपर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी। घटना में प्रधान गंभीर रूप से घायल कर दिया। बदमाश रानी की सराय की तरफ फरार हो गये। घटना की सूचना लगते ही पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस छानबीन में जुट गई।
रानी की सराय थाने के नहरहरपुर निवासी मोनू यादव जो वर्तमान में ग्राम प्रधान है। घर से पांच सौ मीटर दूर दिलौरीचट्टी पर किराने की दुकान खोल रखी है। नित्य की भांति शनिवार की शाम दुकान का शटर गिरा रहा था। तभी बाइक सवार दो असलहाधारी बदमाश पहुंचे और मोनू को लक्ष्य कर ताबड़तोड़ गोलियां चलाने लगे। बदमाशों द्वारा चलायी गयी गोली मोनू के सर में लगी। मोनू जान बचाने के लिए बचाओ-बचाओ की आवाज लगाते हुए दूसरी तरफ भागने लगा। कुछ दूर स्थित एक दुकानदार ने अपने शटर में बंद कर दिया।
घटना को अंजाम देने के बाद बदमाश फरार हो गये। स्थानीय लोगों द्वारा उपचार के लिए उसे जिला अस्पताल भेजवाया गया जहां से उसे रेफर कर दिया गया। घायल मोनू का इलाज शहर के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। सूचना परघटना स्थल पर पहुंची पुलिस मौके से खोखे के साथ कट्टा व हेलमेट बरामद किया।
दो वर्ष पूर्व भी हुआ था हमला
मोनू यादव पर दो वर्ष पूर्व भी एक बार हमला हुआ था जिसमें वह बाल-बाल बच गया था। सूत्रों की माने तो उस समय भी अज्ञात बदमाशों के विरूद्ध थाने में तहरीर दे दी गयी थी। पिछली बार से असफल बदमाश इस बार योजनाबद्ध तरीके से घटना को अंजाम दिया और अपने मकसद में सफल भी हो गये। समाचार लिखे जाने तक परिजनों की तरफ से न कोई तहरीर दी गयी थी न ही स्थानीय पुलिस कुछ कहने को तैयार थी।
घंटो बाद भी नहीं पहुंची डायल 112 पुलिस
प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना डायल 112 पुलिस जिसके बारे में कहा जाता है कि किसी भी घटना के बाद जैसे ही सूचना मिलेगी तत्काल पुलिस पीड़ित की सहायता के लिए मौजूद रहेगी। लेकिन रानी की सराय के दिलौरी बाजार में मोनू के साथ हुई घटना ने डायल 112 पुलिस की पूरी तरह से पोल खोल दी। जहां घटना लगभग साढ़े सात बजे की थी घटना के बाद स्थानीय लोगों द्वारा तुरंत डायल 112 को काल किया गया था लेकिन साढ़े आठ बजे तक डायल 112 पुलिस का कहीं अता-पता नहीं था जबकि स्थानीय पुलिस घटना के बाद मौके पर मौजूद थी।