आर्थिक रूप से पिछडे़ अधिवक्ताओं हेतु सीएम को लिखा पत्र, यूपी बार कौसिंल ने दी 1 लाख की सहायता
जनसंदेश न्यूज़
लखनऊ। वैश्विक महामारी का रूप ले चुके कोविड-19 के कारण किये गये 21 दिनों के राष्ट्रव्यापी लॉक डाउन के कारण पूरे देश में कचहरी से लेकर न्यायालय तक बंद है। जिसके कारण आर्थिक रूप से कमजोर अधिवक्ताओं के सामने आजिविका का संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में उनकी समस्याओं को संज्ञान में लेकर उत्तर प्रदेश बार कौसिंल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। पत्र के माध्यम से बार कौसिंल ने आर्थिक रूप से पिछड़े अधिवक्ताओं के लिए सीएम राहत कोष से कम से कम 50 करोड़ की आर्थिक सहायता की जाने की मांग की है।
कौसिंल के अध्यक्ष हरिशंकर सिंह ने कहा है कि देश इस समय गंभीर संकट के दौर से गुजर रहा है। जिसके खिलाफ लड़ाई में अधिवक्ता समाज पूरी तरह से सरकार के फैसलों के साथ है। लेकिन ऐसे समय में गरीब अधिवक्ताओं के सामने भी गंभीर चुनौतियां आई है। जिसके दृष्टिगत मुख्यमंत्री जी से आग्रह है कि वें ऐसे अधिवक्ताओं के लिए सीएम राहत कोष से कम से कम 50 करोड़ की आर्थिक सहायता प्रदान करें।
चेयरमैन व को-चेयरमैन ने दी 1 लाख की सहायता
कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में अधिवक्ता समाज ने पहल की है। उत्तर प्रदेश बार कौसिंल के चेयरमैन हरिशंकर सिंह व को-चेयरमैन जय नारायण पाण्डेय द्वारा मुख्यमंत्री राहत कोष में 50-50 हजार रूपये धनराशि दान की गई है। उन्होंने कहा कि वें संकट की इस घड़ी में सब अपनी क्षमता के अनुसार मदद कर रहे है। ऐसे में अधिवक्ता समाज ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अपना योगदान दिया है।