मुख्यालय ही कर्मचारियों से खाली और बनाएंगे मॉडल ब्लाक, 4 को एडवर्स इंट्री, दो दर्जन से अधिक के वेतन कटे


आकस्मिक मुआयने पर सेवापुरी विकास खंड मुख्यालय पहुंचे डीडीओ


अधिकांश कर्मचारी मिले गैरहाजिर, दो कर्मचारियों की रोकी गयी है सैलरी


बीडीओ हैं लापरवाह, ब्लाक परिसर और टॉयलेट की अरसे से सफाई नहीं


बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग का पूरा स्टाफ नदारद, कार्यालय था बंद


परिसर के भवन जर्जर, खस्ताहाल आवासों को घोषित कराएंगे निष्प्रयोज्य

जनसंदेश न्यूज
वाराणसी। नीति आयोग जहां सेवापुरी विकास खंड क्षेत्र को मॉडल ब्लाक बनाने की तैयारी में जुटा है वहीं इस विकास खंड मुख्यालय में तैनात बीडीओ और उनके मातहत बेपरवाह हैं। परिसर गंदगी से अटा पड़ा है और कर्मचारी मनमाने ढंग से दफ्तर आ रहे हैं। हद तो यह भी कि शुक्रवार को यहां औचक मुआयने पर पहुंचे जिला विकास अधिकारी रमाकांत तिवारी को न सिर्फ तमाम स्टाफ गैरहाजिर मिले बल्कि आईसीडीएस कार्यालय बंद दिखा। फलस्वरूप उन्होंने दो दर्जन से अधिक कर्मचारियों के वेतन काटते हुए खंड विकास अधिकारी को चेतावनी दी। साथ ही चार कर्मचारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिये।
श्री तिवारी पूर्वाह्न करीब 10.35 बजे सेवापुरी ब्लाक मुख्यालय पहुंचे थे। प्रांगण में साफ-सफाई नहीं थी। जगह-जगह गंदगी का अंबार था। हद तो यह भी कि खंड विकास अधिकारी का टॉयलेट की भी अरसे से सफाई नहीं की गयी है। मुख्यालय के रख-रखाव का आलम यह है कि अनुरक्षण मद में पैसा जारी होने और राज्य वित्त में लगभग 20 लाख रुपये उपलब्ध होने के बावजूद परिसर के जर्जर आवासीय और अनावासीय भवनों की मरम्मत और रंग-रोगन की जरूरत ही नहीं समझी गयी।
लापरवाही की हद यह कि इन भवनों के आसपास घास उग आए हैं। मौके पर दफ्तर की मरम्मत का कार्य काफी धीमा है। फलस्वरूप जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) श्री तिवारी ने बीडीओ से सात दिन के भीतर स्पष्टीकरण तलब किया। साथ ही चेताया कि यदि तय अवधि में जवाब नहीं दिया तो उनके विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई प्रस्तावित करेंगे। उन्होंने बेहद खस्ताहाल आवासों को निष्प्रयोज्य घोषित करने की कार्यवाही पर बल दिया।
निरीक्षण के दौरान उपस्थिति रजिस्टर की जांच करने पर डीडीओ को पता चला कि एडीओ समाज कल्याण सुरेश सिंह और टीए दिनेश प्रजापति इस माह शुरु से ही गैरहाजिर चल रहे हैं। फलस्वरूप श्री तिवारी ने दोनों का इस माह का वेतन रोकने का निर्देश दिया। उन्होंने ब्लाक मुख्यालय पर विभिन्न विभागों के दो दर्जन से अधिक अनुपस्थित पाये गये स्टाफ का एक दिन का वेतन काटने को कहा। दूसरी ओर, सचिवों के लाइव लोकेशन के बारे में पूछे जाने पर ग्राम पंचायत अधिकारी मनोज कुमार श्रीवास्तव, ग्राम विकास अधिकारी इंद्रजीत सिंह, मुकेश कुमार शर्मा और आदर्श दुबे गैरहाजिर मिले।
यह सभी सचिव अपने-अपने निर्धारित लोकेशन पर मौजूद नहीं थे। श्री तिवारी ने इन सचिवों का एक दिन का वेतन काटने और प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिये। ब्लाक मुख्यालय पर सचिवों की रोस्टरवार तैनाती का ब्योरा दीवार पर पेंट नहीं था। संपत्ति रजिस्टर में कोई विवरण दर्ज करने की आवश्यकता ही नहीं समझी गयी है। इन कार्रवाइयों की जानकारी देते हुए डीडीओ श्री तिवारी ने बताया कि खंड विकास अधिकारी को तीन दिन में संपत्ति रजिस्टर पूर्ण कराते हुए जिम्मेदार कर्मचारी के खिलाफ सख्त चेतावनी जारी करने के निर्देश दिये गये हैं।
यह भी रहे गैरहाजिर
जय प्रकाश एई आरईएस, सुभाष चंद्र पांडेय एई लघु सिंचाई, अनिल कुमार विश्वकर्मा वरिष्ठ सहायक, बिहारी सिंह कुशवाहा लेखाकार, अवधेश प्रसाद कनिष्ठ लेखा लिपिक एनआरईपी, धर्मराज एवं ओमप्रकाश बोरिंग टेक्नीशियन, राजेश कुमार स.क., ब्लाक पर नियुक्त आईसीडीएस के सभी कर्मचारी, ज्ञानतोष तिवारी सहायक लेखाकार मनरेगा, अवधेश कुमार वर्मा सोशल ऑडिट समन्वयक, बीएमएम मंजूलता सिंह, आशीष सिंह, शिव प्रकाश, टीए रामप्रकाश सिंह, गिरीश चंद्र दुबे, भोलानाथ, केशव प्रसाद, इच्छानंद शुक्ला व सुनील कुमार सिंह आदि।


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