केसीसी के हजारों आवेदन आधे-अधूरे, किसानों के खसरा व खतौनी न होने से बैंकों ने खड़े किये हाथ


अंतिम टाइम लाइन आज, टार्गेट नहीं हो सकेगा पूर्ण


आज चित्रकूट में पीएम बांटेंगे किसान क्रेडिट कार्ड


अपूर्ण और गलत भरे गये आवेदनों को लौटा रहे बैंक


लगभग दो हजार फॉर्मों को बैंकों ने कर दिया रिजेक्ट


लेखपालों व सचिवों की लापरवाही भुगत रहे किसान

जनसंदेश न्यूज
वाराणसी। जनपद में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के प्रत्येक लाभार्थी को किसान क्रेडिट कार्ड 29 फरवरी तक उपलब्ध कराने की तैयारियों में पेंच फंस गया है। हजारों लाभार्थियों की ओर से भरे गये फॉर्म आधे-अधूरे हैं। फलस्वरूप संबंधित बैंकों में हाथ खड़े कर दिये हैं। वहीं, तमाम आवेदनों को निरस्त कर दिया गया है। जबकि शनिवार तक शत-प्रतिशत लाभार्थियों को केसीसी मुहैया कराने का लक्ष्य दिया गया था। कारण, 29 को ही पीएम नरेंद्र मोदी चित्रकूट में किसान सम्मान निधि से जुड़े वहां के लाभार्थियों को केसीसी बांटेंगे। उसी दौरान वाराणसी के विभिन्न बैंक शाखाओं में कैंप लगाकर स्थानीय किसानों को यह कार्ड वितरित किया जाना है।
जनपद के आला अधिकारियों ने गत दिनों बैठक कर संबंधित अफसरों को निर्देश दिये थे कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों को प्रत्येक दशा में 29 फरवरी तक किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) उपलब्ध करा दिया जाय। लेकिन तय टाइम लाइन के भीतर उस निर्देश को अमली जामा पहनाया जाना संभव नहीं है। कारण, सम्मान निधि से जुड़े हजारों किसान ऐसे हैं जिन्होंने केसीसी के लिए या तो फार्म आधा-अधूरा भरा है अथवा आवेदन में कई खामियां हैं। उनमें ऐसे किसानों की कमी नहीं जिन्होंने फार्म के साथ खसरा-खतौनी नहीं दी है।
खतौनी न होने के कारण लाभार्थी के खेत या जमीन का ब्योरा तय करना संभव नहीं है। वहीं, खसरा उपलब्ध न होने से किसान के खेत की फसल आदि के बारे में आंकलन कर लोन निर्धारित करना भी मुमकिन नहीं। इस स्थिति को देखते हुए संबंधित बैंकों ने हाथ खड़े कर दिये हैं। दूसरी ओर, केसीसी के लिए ऐसे आवेदनों की कमी नहीं जिनमें विवरण सही नहीं हैं। चर्चाओं को मानें तो कई लेखपालों और सचिवों की लापरवाही के कारण किसानों के फॉर्म में तमाम खामियां पायी जा रही हैं। कई आवेदन-पत्रों में लाभार्थी के हस्ताक्षर की सत्यता पर भी संदेह किया जा रहा है।
वहीं, चर्चा है कि कई ऐसे लाभार्थी भी हैं जिनके खेत इस जनपद के बजाय अन्य जिले में हैं। इन सबके बारे में अफसर कुछ बोलने से कतरा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक यदि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों का सत्यापन किया जाय तो कई लाभार्थी फर्जी भी मिल सकते हैं। जानकारी के मुताबिक वाराणसी जनपद में अबतक लगभग एक लाख 92 हजार कृषकों को पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ दिया गया है। उनमें से करीब 56 हजार किसानों को पहले ही केसीसी मुहैया करा चुके हैं। अवशेष किसानों को केसीसी मुहैया कराया जाना है। इसके लिए बीते गुरुवार तक लगभग 62 हजार फॉर्म प्राप्त किये जाने के बावजूद बैंकों को करीब 16 हजार आवेदन ही उपलब्ध कराया गया है।
उन आवेदनों में से करीब पांच हजार फॉर्म अपूर्ण हैं और लगभग दो हजार आवेदन रिजेक्ट कर दिये गये हैं। अपूर्ण फॉर्मों को बैंक स्टाफ लौटा रहे हैं। गत दिनों हुई बैठक के दौरान अला अफसरों ने प्रत्येक दशा में 29 फरवरी तक किसान सम्मान निधि के शत-प्रतिशत कृषकों को किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने के निर्देश दिये थे। इस कार्य के लिए मुख्य रूप से अधिक मैनपावर वाले विभाग राजस्व, ग्राम्य विकास, पंचायती राज और कृषि के कर्मचारियों को लगाया गया है।
बैंकों में आज लगेगा कैंप
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को चित्रकूट में किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों को किसान क्रेडिट कार्ड बाटेंगे। उसी दौरान वाराणसी समेत विभिन्न जनपदों की बैंक शाखाओं में कैंप लगाकर केसीसी का वितरण कराया जाना है। उन शिविरों में पीएम मोदी के चित्रकूट के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किये जाने की उम्मीद है। शासन ने इस बारे में संबंधित विभागों के अफसरों और कर्मचारियों को शिविरों में मौजूद रहने के निर्देश दिये हैं।


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