‘कैदखाने’ में एक और गोवंश की मौत, बीते आठ दिनों के प्रांगण में पशुओं के लिए नहीं है चारा


निराश्रित पशुओं के लिए यातनागृह बना अमौली जलनिगम परिसर


रखवाली के लिए लगाये गये सफाईकर्मी मौके से नदारद

जनसंदेश न्यूज
चिरईगांव। स्थानीय विकास खंड के अमौली (सिरिस्ती) स्थित जलनिगम की बाउंड्री में कैद छुट्टा गोवंशों में से एक की मौत शुक्रवार को हो गयी। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे पशु चिकित्साधिकारी ने उसका पोस्टमार्टम किया। वहीं, ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यहां कैद कर रखे गये गोवंश बीते आठ दिनों से चारे की व्यवस्था न होने से फाकाकशी के शिकार हो रहे हैं।
गत दिनों बारिश होने के चलते जल निगम की इस चहारदीवारी के भीतर कीचड़ के कारण गोवंश बैठ नहीं पा रहे हैं। वह भूख से भी व्याकुल हैं। फलस्वरूप इन पशुओं की हालत लगातार खराब होती जा रही है। परिसर में भूख से व्याकुल पशुओं की स्थिति दिन पर दिन बिगड़ती जा रही है। अभी भी चारे की व्यवस्था को लेकर किसी प्रकार की ठोस पहल नहीं दिख रही है।
इस बारे में पूछे जाने पर पशु चिकित्सक डॉ. आरए चौधरी ने बताया कि इन गोवंशों के लिए चारे की व्यवस्था के बारे में खंड विकास अधिकारी को लिखित रूप से डिमांड भेजी गयी है। इन पशुओं की गंभीर हालत को देखते हुए शनिवार को डीपीआरओ को जानकारी देंगे। इधर, जल निगम परिसर में कैद गोवंशों की निगरानी और देखभाल के लिए तैनात किये गये सफाईकर्मी मौके पर नहीं दिखे।
ब्लाक के एडीओ पंचायत ने बताया कि उन सफाईकर्मियों को मौके से हटने के बारे में कोई निर्देश नहीं दिये गये हैं। वहीं, पूर्व जिला पंचायत सदस्य रमेश यादव ‘अज्ञात’ वस्तुस्थिति में रोष व्यक्त करते हुए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। गत दिनों इस परिसर से गोवंशों की शिफ्टिंग को लेकर हुई समस्या के दौरान वाहनों पर लगे गोवंशों में से कई ने आपस में ही कुचलकर दम तोड़ दिया था। उस प्रकरण को लेकर हड़कंप भी मचा था।
    


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