संविधान बचाओ मोर्चा निकाला सत्याग्रह मार्च, बोले, लोकतांत्रिक मूल्यों पर कुठाराघात है सीएए


नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के विरोध में निकला मार्च


कार्यक्रम में शामिल हुए कई संस्था-संगठनों के सदस्य

जनसंदेश न्यूज
वाराणसी। महात्मा गांधी की शहादत दिवस पर गुरुवार को संविधान बचाओ मोर्चा की ओर से सीएए तथा एनआरसी के विरोध में सत्याग्रह मार्च निकाला गया। मलदहिया स्थित सरदार पटेल की प्रतिमा से कचहरी क्षेत्र के अंबेडकर प्रतिमा तक यह आयोजन था। कार्यक्रम में कांग्रेसजनों समेत विभिन्न वर्ग, दल सहित संस्था-संगठनों के लोग शामिल रहे।
सत्याग्रह मार्च में सम्मिलत लोग संविधान निर्देशिका की प्रतियां गले में लटकाकर हाथों में ‘गांधी के देश में गांधी का रास्ता’, ‘हमला चाहे जैसा होगा हाथ हमारा नहीं उठेगा’, ‘मानेंगे नहीं, मारेंगे नहीं’ आदि नारे लिखी तख्तियां लेकर चल रहे थे। अंबेडकर प्रतिमा के निकट पहुंचने के बाद पूर्व सांसद डॉ. राजेश मिश्र ने संविधान की प्रस्तावना पढ़ते हुए संविधान की मूल भावना की शपथ दिलायी। 
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि देश के सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं। केंद्र सरकार की सांप्रदायिक, अलोकतांत्रिक तथा असंवैधानिक नीतियों के चलते संविधान और लोकतंत्र की हत्या हो रही है। नागरिकता संशोधन कानून न सिर्फ संविधान की मूल भावना के खिलाफ है बल्कि हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों पर कुठाराघात भी है। 
कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक अजय राय, अनिल श्रीवास्तव ‘अन्नू’, डॉ. जितेंद्र सेठ, राधेश्याम सिंह, पूर्व एमएलसी अरविंद सिंह, सपा नेता कुंवर सुरेश सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. लेनिन रघुवंशी, प्रजानाथ शर्मा, सतीश चौबे, प्रवीण सिंह बबलू, संजीव सिंह, अनिल श्रीवास्तव, आम आदमी पार्टी के अब्दुल्ला खां आदि की प्रमुख हिस्सेदारी थी।


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