पंचायती राज मंत्री ने प्रधानों ने नाम लिखीं पाती, ‘आ देखें जरा, तुझमें कितना है दम....’


गांवों में विकास के विभिन्न पैमानों के आधार पर मिलेगा पुरस्कार
जनवरी माह की अंतिम तारीख आनलाइन दावा करने की अंतिम तिथि 



जनसंदेश न्यूज़
मीरजापुर। प्रदेश सरकार के पंचायती राज मंत्री भुपेन्द्र सिंह चौधरी की पाती जिले से लेकर ग्राम स्तर तक चर्चा का विषय बना हैं। जिसमें बिना कहे कहा गया है कि ‘आ देखे जरा तुझमें कितना है दम।’ इस दम यानि 2018-19 में जनहित में विभिन्न बिन्दुओं पर कराये गये कार्याे को नापने के बाद दमदार दावेदार के लिए पुरस्कार की भी व्यवस्था की गयी हैं। 
आनलाइन दावा करने की आखिरी तारीख जनवरी माह की अंतिम तिथि तय की गयी हैं। यह पुरस्कार जिला, क्षेत्र एवं ग्राम पंचायत में शिक्षा, स्वास्थ्य, चिकित्सा, विकास समेत विभिन्न बिन्दुओं पर किए गए कार्याे के आधार पर दिया जायेगा। यह मौका 73वें संविधान संशोधन विधेयक के तहत मिला हैं। गाँव तक विकास की किरण पहुंचे और लोग खुद अपने आवश्यकता को पूरा कर आगे बढ़े। 1993 में अप्रैल माह की 24 तारीख को यह व्यवस्था लागू की गयी। चकाचौंध भरे राजनीति के गलियारे से निकली व्यवस्था महज नेता पैदा करने की मशीन बनकर रह गयी। 



त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था में अपनी शक्ति का आभास दिलाने के लिए पुरस्कार की घोषणा किसी आइने से कम नहीं है। यह रेलवे स्टेशन पर लगी वेटिंग मशीन की तरह है। जिस पर चढ़ने वाला एक सिक्का डालता हैं तो उसका वजन छप कर आ जाता हैं। विकास के नाम पर पंचायत व्यवस्था को परवान चढ़ाने का दावा करने वाले ने कितना काम किया है। 
इसको परखने का भी विभाग ने एक नया पैमाना तय किया है। इस पैमाने के तहत नामांकन करने वाले जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत एवं ग्राम पंचायतों को दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार, नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव ग्राम सभा पुरस्कार, ग्राम पंचायत विकास योजना पुरस्कार एवं बाल मैत्री ग्राम पंचायत पुरस्कार 2020 से सम्मानित किया जाएगा। 


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