कागज पर बन गये 213 शौचालय, बड़े घोटाले की जांच के लिए सीडीओ से शिकायत

शौचालय निर्माण  में बड़े घोटाले की आशंका


450 मनरेगा मजदूरों को नहीं मिला कार्य




जनसंदेश न्यूज़
गाजीपुर। मुहम्मदाबाद ब्लाक स्थित नगवां उर्फ नवापुरा में विकास कार्यो में भ्रष्टाचार एवं अनियमितता के साथ ही पक्षपातपूर्ण कार्य करने का आरोप लगा है। इस मामले में गांव निवासी कालिका यादव ने गुरूवार को सीडीओ श्री प्रकाश गुप्ता से लिखित शिकायत किया है।   


नगवां उर्फ नवापुरा गांव में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि गांव सभा में स्वच्छ भारत मिशन के तहत वर्ष 2015-16 में 150 तथा 2016-17 में 192 शौचालय बनाने के लिए धनराशि मिली थी। जिसमें आठ मार्च 2017 तक 213 शौचालय बनाया गया। जबकि शौचालय जमीन पर ही बना है, यदि इन शौचालयों की निष्पक्ष एजेंसी से जांच करवाई जाए तो मौके की स्थिति का पता चल सकता है। कोई भी शौचालय उपयोग के योग्य नहीं है। इसके अलावा निजी शौचालयों के नाम पर भी धनराशि उतारी गई है। 



आरोप लगाया कि गांव सभा में 450 जाब कार्ड धारक मनरेगा मजदूरों को  कार्य नहीं मिला। बल्कि जेसीबी मशीन के प्रयोग से अधिकतर कार्य कराकर कागज में मजदूरों की काफी संख्या दिखाकर मजदूरों का पैसा हड़प लिया गया। तालाब के किनारे खेल मैदान पर ग्राम प्रधान द्वारा प्रस्ताव पारित कर समतलीकरण एवं मिट्टी भराई तथा दर्शको के बैठने व जल निकासी कार्य दिखलाया गया है। जबकि खेल का मैदान पहले से ही समतल है। 


इसके अलावा तमाम गांव में विकास कार्यो में अनियमितता को लेकर शिकायत किए। शिकायतकर्ता इस मामले की शिकायत विगत 22 जून 2020 को भी तत्कालीन डीएम से किए थे जिसमें मृत्युुंजय सिहं को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया था। मगर जांच अधिकारी की निष्क्रियता के चलते आज तक गांव में भ्रष्टाचार की जांच नहीं हो पाई।


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