मनरेगा में लाखों के गबन मामले में अवर अभियंता गिरफ्तार, 2007 में चंदौली के चकिया में दर्ज हुआ था मुकदमा

ईओडब्ल्यू निरीक्षक सुनील वर्मा की टीम ने किया गिरफ्तार



रवि प्रकाश सिंह
वाराणसी। चंदौली जिले में (मनरेगा) के 13.50 लाख गबन करने का आरोपी अवर अभियंता मूलचंद वर्मा को गुरुवार को प्रयागराज विकास खंड मांडा से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार करने वाली टीम में वाराणसी ईओडब्ल्यू निरीक्षक सुनील वर्मा, चंदप्रकाश त्रिपाठी, शशिकांत सिंह, विनीत पांडेय और रोहित सिंह रहे। आरोपी  मूलचंद्र वर्मा ग्राम पूरा कोदई थाना सुजानगंज जिला जौनपुर का स्थायी निवासी है। आरोपी का वर्तमान पता छोटा बघाड़ा थाना कर्नलगंज प्रयागराज है। वर्तमान में इसकी नियुक्ति जूनियर इंजीनियर पद पर ब्लॉक मंडा प्रयागराज में है।


चंदौली जिले में वर्ष 2006-07 के दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत विकास खंड चकिया को आवंटित सरकारी कार्य को ठेकेदार और सरकारी मशीनरी ने आपस में मिलीभगत कर लगभग 13.50 लाख रुपये का बंदरबाट कर लिया। लोगों द्वारा काम न कराकर मशीनों से कराया गया बदले में आसपास के लोगों से मस्टरोल पर फर्जी हस्ताक्षर कराकर पैसे गबन किये गये।


इस मामले में वादी जंगल चुड़िया निवासी लल्ली राम ने वर्ष 2007 में चंदौली जिले के चकिया थाना में मुकदमा दर्ज कराया था। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए वर्ष 2008 में उत्तर प्रदेश शासन ने आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन, वाराणसी को जांच सौंपी गई थी।


इन लोगों को पाया गया संलिप्त
ईओडब्ल्यू वाराणसी ने एक नामजद तत्कालीन ब्लॉक प्रमुख पति और ठेकेदार शम्भूनाथ यादव सहित इनकी पत्नी ब्लॉक प्रमुख मंजिला देवी, विकास खंड चकिया के तत्कालीन खंड विकास अधिकारी फूलचंद, ग्राम पंचायत अधिकारी लालजी राम, ग्राम विकास अधिकारी राजेश्वर प्रसाद पाल, तत्कालीन सहायक आंकिक अंजनी कुमार सोनकर और तत्कालीन अवर अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण सेवा मूलचंद वर्मा के विरुद्ध को अपराध में संलिप्त पाया।


 


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